कंपनी ने हाल ही में Shell India के साथ लगभग 30 मेगावॉट की हाइब्रिड ग्रीन Energy सप्लाई के लिए बड़ा करार किया है, जिस खबर के बाद शेयर में तेज रफ्तार देखने को मिल रही है। यह डील कंपनी के बिजनेस मॉडल और ग्रोथ स्टोरी, दोनों के लिए अहम मानी जा रही है।
30MW हाइब्रिड प्रोजेक्ट की पूरी डील
इस समझौते के तहत CleanMax गुजरात और कर्नाटक में दो हाइब्रिड (विंड+सोलर) प्लांट से Shell की यूनिट्स को बिजली सप्लाई करेगी, जिनकी कुल स्थापित क्षमता लगभग 30 मेगावॉट होगी। ये प्रोजेक्ट ग्रुप‑कैप्टिव मॉडल पर विकसित किए जा रहे हैं, जिसमें कॉरपोरेट ग्राहक खुद भी प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी लेकर लंबे समय तक सस्ती और हरी ऊर्जा सुनिश्चित करते हैं।
गुजरात के Hazira LNG टर्मिनल वाला प्रोजेक्ट
गुजरात में CleanMax 16.83 मेगावॉट क्षमता वाला हाइब्रिड प्रोजेक्ट बना रही है, जिसमें 6.93 MWp सोलर और 9.90 MW विंड कैपेसिटी शामिल है। यह प्लांट सूरत के हजीरा में Shell के LNG टर्मिनल को पावर सप्लाई करेगा, जहां ऑपरेशंस काफी एनर्जी‑इंटेंसिव हैं और लगातार स्थिर बिजली की जरूरत रहती है।
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कर्नाटक के Bengaluru टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए प्लांट
कर्नाटक में कंपनी 13.2 मेगावॉट का हाइब्रिड प्रोजेक्ट विकसित कर रही है, जिसमें जगलूर में 9.9 MWp सोलर और होनावाड़ में 3.3 MW विंड कैपेसिटी लगाई जा रही है। यहां से मिलने वाली बिजली Shell Technology Centre, Bengaluru को सप्लाई होगी, जो Shell का तीसरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेंटर है और एडवांस इंजीनियरिंग व डिजिटल इनोवेशन पर काम करता है।
सालाना बिजली उत्पादन और ग्रीन इम्पैक्ट
इन दोनों प्रोजेक्ट्स से मिलकर सालाना लगभग 66,832 मेगावॉट‑ऑवर (MWh) ग्रीन बिजली पैदा होने का अनुमान है, जिससे Shell की पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता घटेगी। हाइब्रिड मॉडल की वजह से दिन में सोलर और रात व हवा वाले समय में विंड पावर के जरिए सप्लाई अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनती है, जो इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए बड़ा प्लस पॉइंट है।
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CleanMax की हाल की ग्रोथ और क्षमता
CleanMax फिलहाल भारत की कमर्शियल और इंडस्ट्रीयल सेगमेंट की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में है और इसकी ऑपरेशनल क्षमता करीब 2,799 मेगावॉट तक पहुंच चुकी है। पिछले साल अप्रैल 2025 में कंपनी की एनर्जी सेल्स कैपेसिटी लगभग 1,700 मेगावॉट थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर लगभग 3,000 मेगावॉट हो गई, जिससे तेज विस्तार साफ दिखता है।
एक्सपेंशन प्लान और निवेश पर फोकस
कंपनी आने वाले समय में और बड़े यूटिलिटी‑स्केल प्रोजेक्ट और CTU‑कनेक्टेड प्लांट्स के जरिए पूरे देश में पावर सप्लाई बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक CleanMax ने विस्तार के लिए हजारों करोड़ रुपये तक के निवेश का रोडमैप तैयार किया है, जिससे इसके पोर्टफोलियो में ऑन‑साइट रूफटॉप और ऑफ‑साइट हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स की हिस्सेदारी और बढ़ने की उम्मीद है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।







