भारतीय Railway Sector इस समय तेज आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रही है, जहां सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग ₹2.9 लाख करोड़ से अधिक कैपेक्स और करीब ₹20 लाख करोड़ की प्रोजेक्ट पाइपलाइन तैयार की है। इस बड़े निवेश से कोच, वैगन, मेट्रो, वंदे भारत और सिगनलिंग जैसे सेगमेंट में तेजी से ऑर्डर बढ़ रहे हैं, जिसका सीधा फायदा चुनिंदा निजी कंपनियों को मिल रहा है।
Titagarh Rail Systems
टीटागढ़ रेल सिस्टम्स ने खुद को केवल फ्रेट वैगन निर्माता से बदलकर पैसेंजर कोच, मेट्रो ट्रेन और वंदे भारत जैसे हाई-वैल्यू सेगमेंट का मजबूत सप्लायर बना लिया है। दिसंबर 2025 (Q3 FY26) तक कंपनी की स्टैंडअलोन ऑर्डर बुक करीब ₹14,455 करोड़ रही, जिसमें लगभग 77.33% यानी लगभग ₹10,791 करोड़ पैसेंजर रेल सिस्टम्स से जुड़े ऑर्डर्स से आए हैं।
जॉइंट वेंचर समेत टीटागढ़ की कुल ऑर्डर बुक लगभग ₹27,755 करोड़ तक पहुंच गई है, जिसमें BHEL के साथ वंदे भारत प्रोजेक्ट और उसके AMC कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल हैं। हाल की तिमाही में पैसेंजर सेगमेंट के रेवेन्यू में सालाना आधार पर लगभग 237% और प्रॉफिट (PBIT) में करीब 364% की तेज बढ़त देखने को मिली है, जहां PRS सेगमेंट का मार्जिन 12.98% रहा, जो फ्रेट सेगमेंट के 12.53% से ऊपर है।
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जुपिटर वैगंस
जुपिटर वैगंस अभी भी मुख्य रूप से मालगाड़ी वैगन और फ्रेट रॉलिंग स्टॉक पर फोकस करने वाली कंपनी है, हालांकि यह धीरे–धीरे नए क्षेत्रों में भी कदम बढ़ा रही है। दिसंबर 2025 तक कंपनी की ऑर्डर बुक लगभग ₹5,041 करोड़ दर्ज की गई, जो फ्रेट सेक्टर में उसकी मजबूत पकड़ को दिखाती है, जबकि Q3 FY26 में उसका राजस्व करीब ₹890 करोड़ रहा, जिस पर EBITDA लगभग ₹116 करोड़ और मार्जिन 13% के आसपास रहा।
कंपनी “जुपिटर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी” के ज़रिए इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों और ग्रीन ट्रांसपोर्ट पर काम कर रही है और एक यूरोपीय पार्टनर के साथ पैसेंजर रोलिंग स्टॉक में प्रवेश की तैयारी भी कर रही है। ईवी और पैसेंजर सेगमेंट में ये शुरुआती पहलें भविष्य के लिए संभावनाएं दिखाती हैं, लेकिन फिलहाल इसके बिजनेस की रीढ़ अभी भी फ्रेट ऑर्डर्स ही बने हुए हैं।
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5 साल का रिटर्न और हाल की वैल्यूएशन ट्रेंड
पिछले पांच वर्षों में रेलवे थीम के चलते दोनों कंपनियों ने निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न दिए हैं। टीटागढ़ रेल सिस्टम्स के शेयरों ने इस अवधि में लगभग 1482% तक रिटर्न दिया है, जबकि जुपिटर वैगंस ने करीब 1570% तक की तेजी दिखाई है, यानी दोनों ने मिलकर 1400% से अधिक की शानदार वृद्धि दिखाई है।
हाल के समय में टीटागढ़ का मार्केट कैप लगभग ₹9,800–9,900 करोड़ के आसपास और जुपिटर वैगंस का मार्केट कैप लगभग ₹11,900 करोड़ के स्तर पर दिखाया गया है, जिससे दोनों मिडकैप कैटेगरी में मजबूत प्लेयर्स बनकर उभरे हैं। ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies की रिपोर्ट के मुताबिक, टीटागढ़ के लिए EPS CAGR 2030 तक लगभग 43% और जुपिटर के लिए करीब 23% का अनुमान जताया गया है, जो ग्रोथ ट्रेंड में फर्क को दिखाता है।
ऑर्डर बुक, फोकस एरिया और ब्रोकरेज व्यू
यदि दोनों कंपनियों को साथ रखकर देखें तो टीटागढ़ की JV सहित कुल ऑर्डर बुक लगभग ₹27,755 करोड़ है, जबकि जुपिटर की ऑर्डर बुक लगभग ₹5,041 करोड़ दर्ज की गई है। टीटागढ़ की ऑर्डर बुक में पैसेंजर और मेट्रो सेगमेंट का हिस्सा लगभग तीन–चौथाई तक है, जबकि जुपिटर की अधिकतर बुक फ्रेट वैगंस पर निर्भर है, और पैसेंजर सेगमेंट अभी प्रारंभिक स्तर पर है।
Jefferies ने अपनी हालिया रिपोर्ट में टीटागढ़ रेल सिस्टम्स पर “Buy” रेटिंग देते हुए लगभग ₹810 का टारगेट प्राइस साझा किया है, जबकि जुपिटर वैगंस को “Underperform” रेटिंग के साथ लगभग ₹200 के लक्ष्य पर कवर किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रेलवे का फोकस वंदे भारत, मेट्रो और हाई-टेक पैसेंजर ट्रांजिट पर बढ़ने से पैसेंजर रोलिंग स्टॉक में मजबूत मौजूदगी रखने वाली कंपनियों के लिए रिटर्न ऑन इक्विटी के दोगुना तक पहुंचने की संभावना जताई गई है
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।







