Renewable सेक्टर की ये कंपनी मुख्य रूप से सोलर EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) प्रोजेक्ट्स पर काम करती है और बड़े पैमाने पर सोलर पावर प्लांट लगाती है। कंपनी अब Battery Energy Storage Systems (BESS) और डेटा सेंटर जैसे नए सेगमेंट में भी कदम रख रही है, जिससे इसका बिजनेस मॉडल ज्यादा diversified हो रहा है। भारत के तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कंपनी की मजबूत मौजूदगी इसे निवेशकों की नजर में खास बनाती है।
Q4 FY26 के शानदार नतीजे
कंपनी का Q4 FY26 में कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट करीब 66 प्रतिशत की तेजी के साथ लगभग 156 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल के लगभग 94 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है। इसी तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू करीब 131 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1,102 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह लगभग 477 करोड़ रुपये के आसपास थी। मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ और मार्जिन में सुधार ने बाजार में कंपनी को रिन्यूएबल स्पेस का मजबूत खिलाड़ी साबित किया है।
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ऑर्डर बुक, बिडिंग पाइपलाइन और ग्रोथ विजिबिलिटी
Waaree Renewable Technologies के पास EPC सेगमेंट में गीगावॉट लेवल की मजबूत unexecuted ऑर्डर बुक है, जो अगले 12–15 महीनों के लिए रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी देती है। पहले कंपनी ने 3.15–3.48 GWp के आसपास की unexecuted ऑर्डर बुक और 27 GWp से ज्यादा की बिडिंग पाइपलाइन की जानकारी दी थी, जो समय के साथ बढ़कर 36 GWp से ऊपर तक पहुंच गई है। इतनी बड़ी बिडिंग पाइपलाइन दिखाती है कि कंपनी के पास आने वाले सालों में प्रोजेक्ट्स की कमी नहीं रहने वाली है।
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शेयर प्राइस में जोरदार रैली
Q4 के मजबूत नतीजों के बाद Waaree Renewable Technologies के शेयर में 8–13 प्रतिशत तक की तेज उछाल देखने को मिली और कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार स्टॉक ने कुछ ही सेशंस में 12–13 प्रतिशत से ज्यादा की रैली दिखाई। खबरों के मुताबिक शेयर ने रिजल्ट के बाद के कुछ दिनों में लगभग 35 प्रतिशत तक की रैली भी दिखाई, जिससे निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है। मजबूत नतीजों, बड़े ऑर्डर बुक और सेक्टर ग्रोथ की वजह से शेयर फिलहाल मजबूत ट्रेंड में बना हुआ है।
भारत के रिन्यूएबल सेक्टर में अवसर
भारत में कुल इंस्टॉल्ड रिन्यूएबल कैपेसिटी मार्च 2026 तक लगभग 274 GW के आसपास पहुंच चुकी है, जिसमें से 150 GW से ज्यादा क्षमता सिर्फ सोलर की है। FY26 के दौरान देश में कुल रिन्यूएबल ऐडिशन में से करीब 82 प्रतिशत हिस्सा सोलर कैपेसिटी का रहा और साल भर में 44 GW से ज्यादा नई सोलर क्षमता जुड़ी, जो पिछले वर्ष के लगभग 24 GW से काफी अधिक है। इतनी तेज ग्रोथ वाले सेक्टर में मजबूत ऑर्डर बुक और बढ़ती बिडिंग पाइपलाइन के साथ Waaree Renewable Technologies जैसी कंपनियों के लिए आगे भी अच्छे अवसर बने रहने की संभावना दिखती है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश या ट्रेडिंग सलाह नहीं माना जाए।







